भारत अपनी वायु रक्षा प्रणाली को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डीआरडीओ द्वारा विकसित ‘अरुध्रा’ रडार इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह एक अत्याधुनिक 4D मल्टी-फंक्शन फेस्ड-एरे रडार है, जो हवाई निगरानी और लक्ष्य ट्रैकिंग में बेजोड़ क्षमता रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्वदेशी रडार भारत की सुरक्षा को अभेद्य बनाने में सहायक होंगे। अरुध्रा का एक विशेष पहाड़ी वेरिएंट भी तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही तैनात किया जाएगा। यह रडार उच्च गति वाले लक्ष्यों और छोटे हवाई खतरों को पहचानने में सक्षम है। हालांकि F-35 जैसे स्टील्थ विमानों को पकड़ना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अरुध्रा जैसे उन्नत सिस्टम की तकनीक इसमें सहायक हो सकती है। रक्षा क्षेत्र में भारत का यह प्रयास ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा दे रहा है। आने वाले समय में यह रडार भारतीय वायुसेना की रडार ग्रिड को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। यह रडार सिस्टम न केवल निगरानी में सक्षम है, बल्कि दुश्मन के विमानों की सटीक लोकेशन भी ट्रैक कर सकता है। भारत की सुरक्षा तैयारियों में यह एक रणनीतिक बढ़त है।
Source: Source