छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के मिरमिंडा गांव में वर्षों से चल रहा सामाजिक विवाद पुलिस और प्रशासन की ‘सहयोग चौपाल’ से सुलझ गया। गांडा समाज और अन्य ग्रामीणों के बीच सामाजिक बहिष्कार और तनाव को बातचीत के जरिए समाप्त किया गया। एसपी पंकज चंद्रा के निर्देश पर विशेष चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। एडिशनल एसपी कपिल चंद्रा और एसडीओपी रूपेश कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी और तहसीलदार ने बातचीत कराई। अधिकारियों ने भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का महत्व समझाया। लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्षों ने मिल-जुलकर रहने की सहमति जताई और पुराने विवाद समाप्त करने का फैसला किया। मौके पर पंचनामा तैयार कर विवाद का औपचारिक निराकरण किया गया। ‘सहयोग चौपाल’ कोंडागांव पुलिस की एक अनूठी पहल है, जिसमें सीमांकन, मारपीट, मुआवजा और विधिक मामलों का गांव स्तर पर ही समाधान किया जाता है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की। अभियान आगे भी पूरे जिले में जारी रहेगा।
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