ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने एमबीबीएस छात्रा डॉ. सेजल पवार की एक कॉमेडी शो के दौरान की गई टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है। संगठन का कहना है कि यह टिप्पणी मेडिकल शिक्षा में उपयोग किए जाने वाले शवों और शरीर दान करने वालों के प्रति असंवेदनशील है। AIMSA ने इसे चिकित्सा शिक्षा की गरिमा और मूल्यों के विपरीत बताया है। इस मामले ने सोशल मीडिया और मेडिकल समुदाय में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। महाराष्ट्र साइबर विभाग ने कथित आपत्तिजनक और अशोभनीय सामग्री को लेकर कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें डॉ. पवार का नाम भी शामिल है। मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने संबंधित तथ्यों की समीक्षा शुरू कर दी है। विवाद के बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पेशेवर जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज हो गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।
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