केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में NCERT द्वारा पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के बच्चों को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास, विशेष रूप से 1975 के आपातकाल के दौरान हुई ‘काली करतूतों’ और लोकतांत्रिक मूल्यों के दमन के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। प्रधान का मानना है कि इतिहास को सही संदर्भ में पढ़ाया जाना आवश्यक है ताकि नई पीढ़ी को उन कठिन समयों की सीख मिल सके और वे लोकतंत्र के महत्व को समझ सकें। सरकार और NCERT का यह कदम इतिहास की उन घटनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है जिन्हें पहले प्रमुखता नहीं दी गई थी।
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