भारत के ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को एक बड़ी गति मिली है, जब केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आधिकारिक तौर पर ‘ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और देश में ही ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा देना है। सरकार ने इस क्षेत्र के लिए इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण और स्टील उद्योग में पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष प्रोत्साहन (incentives) की घोषणा की है। इस मिशन का एक प्रमुख लक्ष्य आयात पर निर्भरता को कम करना है, जिसके तहत उर्वरक संयंत्रों को ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समझौते भी किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों से इस राष्ट्रीय मिशन में सक्रिय रूप से भाग लेने और स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का आग्रह किया है। यह पोर्टल न केवल पारदर्शिता लाएगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर ग्रीन हाइड्रोजन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।
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