हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन में रविवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया, जहां करीब 200 साल पुराने उप-ज्योर्तिलिंग नागेश्वर महादेव मंदिर की 108 फुट ऊंची गुंबद अचानक ढह गई। इस हादसे में मंदिर के सेवादार नटराजन गिरी की मलबे में दबने से दुखद मृत्यु हो गई। घटना के समय नटराजन मंदिर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। सुबह करीब 4 बजे हुए इस हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय लोग और पुजारी तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मलबे को हटाया, लेकिन तब तक सेवादार की जान जा चुकी थी। मंदिर के गर्भगृह को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है और वहां स्थापित शिवलिंग व प्रतिमाएं मलबे के नीचे दब गई हैं। मंदिर का गुंबद केवल चार इंच की दीवार पर टिका था, जो इस दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। करीब 20 साल पहले मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में इस घटना से गहरा शोक व्याप्त है और मलबा पूरी तरह हटाने के बाद ही नुकसान का सटीक आकलन हो पाएगा।
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