दुनिया के अलग-अलग देशों में सड़क पर वाहन चलाने के नियम एक जैसे नहीं हैं। कुछ देशों में वाहन सड़क के बाईं ओर चलते हैं, जबकि कई देशों में दाईं ओर चलाने की परंपरा है। इसके पीछे सदियों पुराना ऐतिहासिक और सामाजिक विकास जुड़ा हुआ है। मध्यकालीन दौर में लोग सुरक्षा कारणों से अक्सर सड़क के बाईं ओर चलते थे ताकि दाहिने हाथ से हथियार का उपयोग आसानी से कर सकें। बाद में ब्रिटिश साम्राज्य ने अपने उपनिवेशों में बाईं ओर चलने की व्यवस्था को अपनाया और फैलाया। आज भी भारत, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों में यही प्रणाली लागू है। दूसरी ओर, यूरोप के कई हिस्सों में नेपोलियन के प्रभाव के दौरान दाईं ओर चलने की परंपरा मजबूत हुई। अमेरिका में भी बड़े मालवाहक रथों और परिवहन प्रणाली के विकास ने दाईं ओर वाहन चलाने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया। समय के साथ ये नियम राष्ट्रीय यातायात प्रणालियों का स्थायी हिस्सा बन गए। सिद्धांत रूप में किसी देश के लिए सड़क की दिशा बदलना संभव है, लेकिन व्यवहार में यह बेहद जटिल और महंगा कार्य होता है। इसके लिए सड़क संकेतों, वाहनों, बुनियादी ढांचे और यातायात नियमों में व्यापक बदलाव करने पड़ते हैं। इसी कारण अधिकांश देश अपनी मौजूदा प्रणाली को बनाए रखते हैं। आज दुनिया में सड़क की दिशा का यह अंतर इतिहास, राजनीति और परिवहन विकास की विरासत के रूप में देखा जाता है। यह दिखाता है कि सदियों पुराने फैसले आज भी आधुनिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं।
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