किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं को Google का अत्याधुनिक क्वांटम चिप एक्सेस करने का अवसर मिल गया है। यह चिप उन समस्याओं के समाधान में सहायक होगा जो अब तक असंभव मानी जाती थीं। शोधकर्ताओं का लक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक प्रक्रियाओं को समझना है। क्वांटम कंप्यूटिंग की यह तकनीक अत्यधिक जटिल गणनाओं को तेजी से कर सकती है। Google का यह चिप पारंपरिक सुपरकंप्यूटरों से कहीं अधिक शक्तिशाली है। इस सहयोग से भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान में नई खोजें संभव होंगी। किंग्स कॉलेज की टीम इस चिप का उपयोग जलवायु परिवर्तन, दवा विकास और ऊर्जा समाधान जैसे क्षेत्रों में करेगी। अब तक अनुत्तरित प्रश्नों का उत्तर मिलने की उम्मीद जगी है। यह चिप नई सामग्रियों के डिजाइन और आणविक इंटरैक्शन को समझने में मदद करेगी। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस तकनीक से चिकित्सा और पर्यावरण विज्ञान में क्रांति आ सकती है। Google का यह चिप वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। किंग्स कॉलेज इस चिप का उपयोग करने वाले पहले अकादमिक संस्थानों में से एक होगा। इस परियोजना से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए द्वार खुलेंगे। टीम का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे और भी कई खोजें होंगी। यह सहयोग शिक्षा और अनुसंधान के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
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