कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के एक कार्यकारी निदेशक के निलंबन को रद्द कर दिया है। विभाग ने खाद्य मंत्रालय के निलंबन आदेश को शुरुआत से ही कानूनी रूप से अस्तित्वहीन माना। इसके साथ ही संबंधित अधिकारी को तत्काल उनके मूल कैडर में वापस भेजने का निर्देश जारी किया गया। खाद्य मंत्रालय ने चावल बिक्री में कथित अनियमितताओं की जांच के बाद यह कार्रवाई की थी। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबन और विभागीय प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, कार्मिक विभाग ने इस कार्रवाई को नियमों के अनुरूप नहीं माना। आदेश रद्द होने के बाद अधिकारी की सेवा स्थिति बहाल मानी जाएगी। मामले ने मंत्रालयों के बीच प्रशासनिक अधिकारों और प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस बीच एफसीआई की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार के लिए एक समीक्षा समिति भी गठित की गई है। समिति का उद्देश्य संस्थान की कार्यकुशलता और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है। मामले की आगे की प्रक्रिया संबंधित नियमों और विभागीय प्रावधानों के अनुसार जारी रहेगी। इस घटनाक्रम ने सरकारी संस्थानों में प्रशासनिक निर्णयों की वैधानिकता पर भी ध्यान आकर्षित किया है।
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