कर्नाटक रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (आरईआरए) द्वारा प्रस्तावित रिकवरी सेल की योजना को सरकार ने फिलहाल शेल्फ पर रख दिया है। इस सेल का उद्देश्य बिल्डरों से धन वसूली में घर खरीदारों की सहायता करना था। आरईआरए ने फरियादियों को त्वरित राहत देने के लिए यह तंत्र बनाने का सुझाव दिया था। हालांकि, प्रशासनिक और कानूनी अड़चनों के चलते इस पर रोक लगा दी गई। खबर सामने आने के बाद कई वेलफेयर बॉडीज और गृह खरीदार संगठनों ने निराशा जताई है। उनका कहना है कि इससे लंबित मामलों के निपटारे में और देरी होगी। पिछले कई महीनों से बिल्डरों के खिलाफ शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। रिकवरी सेल के अभाव में खरीदारों को अदालतों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वेलफेयर संस्थाओं का तर्क है कि इससे रेरा का मूल उद्देश्य ही कमजोर हुआ है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। फिलहाल, रेरा अधिकारियों ने कहा कि वे मौजूदा कानूनी ढांचे में ही समाधान तलाशेंगे।
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