तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के करूर दौरे के दौरान मीडिया कर्मियों को सार्वजनिक बैठक स्थल में प्रवेश करने से रोक दिया गया। पार्टी के स्वयंसेवकों ने इसके लिए पुलिस के आदेशों और मीडिया पास को लेकर हुए गलत संचार का हवाला दिया। मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह उनका करूर का पहला दौरा था, जो एक दुखद भगदड़ की घटना के बाद हुआ है। मुख्यमंत्री वहां एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करने और जिला कलेक्ट्रेट में भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी तरह के प्रतिबंध जून में मुख्यमंत्री की त्रिची यात्रा के दौरान भी देखे गए थे, जिससे विवाद पैदा हुआ था। विपक्षी दलों ने मीडिया पर लगाए गए इन प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की है। टीवीके (TVK) पार्टी के पदाधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि यह एक ‘निजी आयोजन’ था, इसलिए मीडिया को अनुमति नहीं दी गई। इस घटना ने एक बार फिर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में मीडिया की पहुंच पर बहस छेड़ दी है। घटना स्थल पर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने दावा किया कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया था। प्रभावित मीडिया संगठनों ने इस कदम को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया है।
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