पाकिस्तान के कराची में बकरीद के मौके पर भीषण जल, गैस और बिजली संकट झेलना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच परिवार खाना पकाने और मांस सुरक्षित रखने में असमर्थ रहे। सरकारी आश्वासनों के बावजूद आवश्यक सेवाएं ठप रहीं। लोग सड़कों पर उतरे और व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। राहत की उम्मीद में लोगों ने महंगे वैकल्पिक साधनों का सहारा लिया। बिजली कटौती के कारण पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई। गैस की कमी से लोग ईद पर बिरयानी तक नहीं बना सके। शहर के कई इलाकों में तीन दिनों तक बिजली नहीं आई। अधिकारियों की लापरवाही ने त्योहार को आपदा में बदल दिया। नागरिकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा की। यह स्थिति कराची की बिगड़ती बुनियादी ढांचागत स्थिति का उदाहरण है। विशेषज्ञों का कहना है कि रखरखाव और योजना के अभाव में ऐसे संकट बार-बार आते हैं। इस घटना ने पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर में जनजीवन की नाजुकता को उजागर कर दिया है।
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