करनाल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) मीनाक्षी यादव ने एक नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। यह दौरा जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शारदा के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया गया था। निरीक्षण के दौरान मीनाक्षी यादव ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता और मरीजों को दिए जा रहे उपचार की बारीकी से जांच की। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य में आ रहे सुधार और उनकी दिनचर्या के बारे में फीडबैक लिया। मरीजों के आत्मबल और नशा छोड़ने की दिशा में उनकी सकारात्मक पहल की CJM ने खुलकर सराहना की। उन्होंने केंद्र संचालकों को निर्देश दिए कि मरीजों के पुनर्वास के लिए सभी जरूरी चिकित्सा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। मीनाक्षी यादव ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है और इससे उबरने के लिए मरीजों को न केवल दवाइयों, बल्कि बेहतर मनोवैज्ञानिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग की भी जरूरत है। केंद्र के प्रबंधन को समय-समय पर जागरूकता शिविर आयोजित करने और नशामुक्त हुए लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती लोगों के मौलिक अधिकारों का सम्मान हो और उन्हें उचित उपचार मिले। निरीक्षण के दौरान केंद्र के कर्मचारी और प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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