ओपनएआई ने जैव सुरक्षा और महामारी से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए एक नया बायोडिफेंस कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार इस पहल का उद्देश्य संभावित जैविक खतरों की पहचान और रोकथाम में तकनीकी सहायता प्रदान करना है। कार्यक्रम के तहत ‘GPT-Rosalind’ नामक एक विशेष AI टूल विकसित किया गया है। यह उपकरण चुनिंदा और विश्वसनीय शोधकर्ताओं तथा डेवलपर्स को उपलब्ध कराया जाएगा। ओपनएआई का कहना है कि इस तकनीक का उपयोग महामारी की शुरुआती पहचान में मदद के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा यह रोग प्रसार के मॉडल तैयार करने और जोखिमों का आकलन करने में भी सहायक होगा। कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य जैव सुरक्षा से जुड़े सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल के विकास को मजबूत करना है। कंपनी ने बताया कि इस पहल की जानकारी अमेरिकी प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के साथ भी साझा की गई है। सीमित और नियंत्रित पहुंच के तहत कुछ सरकारी एजेंसियों तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को इस प्रणाली का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। ओपनएआई का कहना है कि परियोजना का लक्ष्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को बेहतर बनाना है। कंपनी ने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्नत AI तकनीकों का उपयोग जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी प्रणालियां भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी को मजबूत कर सकती हैं। हालांकि संवेदनशील जैविक जानकारी के उपयोग को लेकर निगरानी और सुरक्षा उपायों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह पहल AI और जैव विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का एक नया उदाहरण मानी जा रही है।
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