मध्य प्रदेश के दतिया जिले की एक अदालत ने चर्चित ऑनर किलिंग मामले में पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला नेहा यादव और रोहित विश्वकर्मा की हत्या से जुड़ा था। दोनों युवाओं के प्रेम संबंध और घर से चले जाने के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। जनवरी 2024 में दोनों के शव एक नहर से बरामद हुए थे। मामले की जांच के बाद पुलिस ने हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पांच आरोपियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने माना कि हत्या के पीछे तथाकथित पारिवारिक सम्मान की मानसिकता प्रमुख कारण थी। दोषियों को हत्या, सबूत नष्ट करने और साजिश रचने के अपराध में सजा सुनाई गई। अदालत ने इस अपराध को गंभीर और समाज के लिए चिंताजनक बताया। फैसले को ऑनर किलिंग जैसे मामलों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में जांच एजेंसियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। यह निर्णय महिलाओं और युवाओं की स्वतंत्र पसंद के अधिकार की सुरक्षा के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है।
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