महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री ने ऐप-आधारित टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। यह कदम यात्रियों की उन शिकायतों के बाद उठाया गया है जिनमें ड्राइवरों द्वारा जबरन टिप मांगने और अतिरिक्त शुल्क वसूलने के आरोप लगाए गए थे। सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस मुद्दे को उठाते हुए यात्रियों के साथ हो रही कथित अनुचित वसूली पर चिंता जताई। परिवहन मंत्री ने ऐसी मांगों को ‘अनुचित और अस्वीकार्य’ बताया है। सरकार ने संबंधित कंपनियों के संचालन और शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यात्रियों से प्राप्त शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार नई टैक्सी एग्रीगेटर नीति तैयार कर रही है। इस नीति का उद्देश्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाना और यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि स्पष्ट नियमों से उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव मिलेगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।
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