भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मणिका बत्रा ने एशियन गेम्स टीम से बाहर किए जाने पर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय महासंघ से चयन के आधार पर स्पष्ट और विस्तृत जवाब मांगा है। मणिका का कहना है कि उनका उद्देश्य टीम में जगह मांगना नहीं, बल्कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने पूछा है कि खिलाड़ियों की रैंकिंग किस अवधि के आधार पर देखी गई। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन का मूल्यांकन किस तरह किया गया। मणिका ने चयन प्रक्रिया को मनमाना बताते हुए उस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को स्पष्ट मानदंडों की जानकारी मिलनी चाहिए। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह कानूनी कार्रवाई करने पर विचार करेंगी। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि एशियन गेम्स के लिए घोषित टीम में बदलाव की संभावना नहीं है। चयन सूची को अंतिम माना जा रहा है। इस विवाद ने खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर नई चर्चा शुरू कर दी है। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की नजर अब महासंघ की प्रतिक्रिया पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई संभव है।
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