एयर इंडिया की एक फ्लाइट, जो सैन फ्रांसिस्को जा रही थी, तकनीकी खराबी के कारण लगभग नौ घंटे हवा में रहने के बाद दिल्ली लौट आई। विमान के ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS) में खराबी सामने आई थी, जिसके चलते उड़ान सुरक्षित नहीं मानी गई। यह बोइंग 777 विमान ‘गोवा’ नाम से जाना जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह विमान पिछले छह वर्षों से नागपुर स्थित MRO सुविधा में मरम्मत के तहत था। इस लंबे समय तक चली मरम्मत की वजह स्पेयर पार्ट्स की कमी बताई गई है। ओवरहाल के दौरान इसके इंजन और लैंडिंग गियर सहित कई महत्वपूर्ण हिस्सों को बदला गया था। तकनीकी समस्याओं के कारण विमान को बार-बार सेवा से बाहर रहना पड़ा। उड़ान के दौरान खराबी सामने आने पर सुरक्षा कारणों से इसे वापस मोड़ दिया गया। इस घटना ने एयरलाइन में रखरखाव और तकनीकी तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त मेंटेनेंस मानकों की जरूरत होती है। यात्रियों को इस वजह से असुविधा का सामना करना पड़ा। यह घटना विमानन सुरक्षा और परिचालन चुनौतियों को उजागर करती है।
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