भोपाल स्थित एम्स में इलाज के दौरान तीन वर्षीय कैंसर पीड़ित बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले में दो नर्सिंग अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही के संकेत मिले हैं। आंतरिक जांच समिति ने फॉर्मेलिन जैसे खतरनाक रसायन के गलत प्रबंधन को जिम्मेदार बताया है। आरोप है कि यह रसायन गलती से बच्चे को आईवी लाइन के माध्यम से दे दिया गया। इसके बाद उपचार के दौरान बच्चे की हालत बिगड़ गई। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जांच रिपोर्ट में प्रक्रियागत चूक और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात कही गई है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने अस्पतालों में मरीज सुरक्षा और दवा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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