बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच एनडीए द्वारा उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को टिकट न दिए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस फैसले को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाएं भी सामने आई हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्हें पहले से ही इस निर्णय का अंदाजा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक पद या टिकट के लिए पार्टी का अस्तित्व खतरे में डालना उन्हें स्वीकार नहीं है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एनडीए के अंदर सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे गठबंधन की अंदरूनी रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।
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