ब्लैकपिंक की लिसा और क्रिस्टियानो रोनाल्डो की एक कथित तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। तस्वीर में दोनों को बैकस्टेज साथ खड़े होकर फोटो खिंचवाते हुए दिखाया गया था। इसकी वास्तविक जैसी दिखने वाली गुणवत्ता के कारण कई लोगों ने इसे सच मान लिया। पोस्ट के साथ रोनाल्डो और लियोनेल मेसी की तुलना वाला कैप्शन भी साझा किया गया था। वायरल होने के बाद तस्वीर पर हजारों प्रतिक्रियाएं आने लगीं। जल्द ही प्रशंसकों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने पता लगाया कि यह तस्वीर एआई तकनीक से बनाई गई थी। तस्वीर के फर्जी साबित होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। कई लोगों ने इस मामले को लेकर लिसा को ट्रोल करना शुरू कर दिया। वहीं कुछ यूजर्स ने एआई से तैयार की गई भ्रामक सामग्री पर चिंता भी जताई। घटना ने डिजिटल युग में फर्जी तस्वीरों के बढ़ते प्रभाव पर सवाल खड़े किए हैं। तस्वीर के खंडन के बावजूद यह विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लगातार साझा होती रही। इस पूरे मामले ने एआई-जनित कंटेंट की पहचान और सत्यापन की आवश्यकता को फिर से चर्चा में ला दिया है।
Source: Source