उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 को होने हैं, लेकिन अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि चुनाव समय से पहले 2026 के अंत में भी हो सकते हैं। इसकी वजह देश भर में होने वाली जनगणना है, जो फरवरी-मार्च 2027 में और तेज होगी। चुनाव आयोग इसी कारण से चुनाव की तारीखें आगे बढ़ा सकता है ताकि जनगणना का काम प्रभावित न हो। सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दलों ने भी चुनाव की तैयारियाँ तेज कर दी हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा भी जल्द चुनाव को लेकर सतर्क हो गई हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चुनाव समय से पहले हुए तो यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। फिलहाल, सभी दल अपने-अपने प्रचार अभियानों की रूपरेखा बना रहे हैं।
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