उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक रणनीतियां तेज हो गई हैं। असदुद्दीन ओवैसी दलित-मुस्लिम गठजोड़ के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी ‘जय भीम-जय मीम’ रणनीति को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर काम कर रही है। वहीं कांग्रेस ओबीसी मतदाताओं पर अधिक फोकस कर रही है। बसपा प्रमुख मायावती ने किसी भी गठबंधन से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद ओवैसी अपने राजनीतिक समीकरणों को लेकर आशान्वित हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीति मतदाताओं के ध्रुवीकरण की कोशिश है। हालांकि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या उन्हें बिहार जैसी सफलता मिल पाती है या नहीं। राज्य की राजनीति में नए गठबंधनों की संभावनाएं भी लगातार चर्चा में हैं। विभिन्न दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुटे हैं। चुनावी माहौल के साथ सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
Source: Source