ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक बड़े हमले से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया है। उन्होंने कहा कि जिस कार्यालय पर हमला हुआ था, उस समय वह वहीं मौजूद थे। अराघची ने बताया कि यह हमला ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को निशाना बनाकर किया गया था। उनके अनुसार, हमले के दौरान इमारत का एक हिस्सा गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। उन्होंने खामेनेई की मौत को ‘शहादत’ बताया। अराघची ने कहा कि मलबे से बाहर निकलते समय उनकी सबसे बड़ी चिंता खामेनेई की सुरक्षा को लेकर थी। शुरुआती घंटों में उन्हें उनकी स्थिति की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। बाद में खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई। उन्होंने इस घटना को ईरान के इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। अराघची का कहना है कि इस घटना के बावजूद देश की संस्थाएं काम करती रहीं। उन्होंने दावा किया कि नेतृत्व व्यवस्था में निरंतरता बनी रही। घटना ने क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा दिया है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। ईरानी नेतृत्व इस घटना को राष्ट्रीय एकता और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में पेश कर रहा है।
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