ईरान में युद्ध के बढ़ते खतरे और होर्मुज जलडमरूमध्य में अशांति का असर भारतीय विमानन क्षेत्र पर पड़ा है। तेल आपूर्ति प्रभावित होने से एयरलाइनों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इसी वजह से एअर इंडिया ने अचानक अपनी कई उड़ानों में कटौती करने का बड़ा फैसला लिया है। दुनिया की तेल जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसका सीधा असर विमानों के ईंधन की लागत पर पड़ता है। एअर इंडिया के अलावा इंडिगो जैसी निजी एयरलाइनें भी इस संकट से जूझ रही हैं। सभी कंपनियां लागत बचाने के लिए उड़ानें कम करने को मजबूर हैं। खाड़ी क्षेत्र और यूरोप जाने वाली कई फ्लाइटें प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को पहले से ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एयरलाइंस का कहना है कि तेल की बढ़ती कीमतें उनके परिचालन को मुश्किल बना रही हैं। कुछ रूटों पर टिकटों के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। यदि यह स्थिति जारी रही तो और भी कटौती की संभावना है। सरकार से एयरलाइनों को राहत देने की मांग उठने लगी है। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक संकट का असर पूरे उड्डयन उद्योग पर पड़ेगा। फिलहाल एअर इंडिया स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यह फैसला कंपनी के मुनाफे को बचाने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है।
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