ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने मशहद शहर की ओर जाने वाले दो महत्वपूर्ण पुलों को हवाई हमले में नष्ट कर दिया है। यह घटना पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान हुई है, जिससे शोक सभा में शामिल होने जा रहे हजारों लोग फंस गए हैं। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बहुत अधिक बढ़ गया है। जवाब में, ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले करने का दावा किया है। यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ईरान में शोक और अफरा-तफरी का माहौल है। हमले के कारण मशहद के मार्गों पर भारी जाम लग गया है और राहत कार्य बाधित हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना को दोनों देशों के बीच सीधे संघर्ष की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मध्य पूर्व के देशों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। फिलहाल, क्षेत्र में और अधिक सैन्य झड़पों की आशंका जताई जा रही है। दुनिया भर की नजरें इस बढ़ते संकट पर टिकी हैं और कूटनीतिक प्रयासों की संभावना कम होती दिख रही है।
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