कनाडा की जनसंख्या वृद्धि लंबे समय से आप्रवासन पर निर्भर रही है। हाल के वर्षों में सरकार द्वारा इमिग्रेशन लक्ष्यों में कटौती का प्रभाव अब दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम संख्या में नए प्रवासियों के आने से जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार धीमी हुई है। कुछ क्षेत्रों में आबादी में गिरावट के संकेत भी देखने को मिले हैं। कनाडा की अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार में प्रवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कई उद्योग कुशल और अर्धकुशल विदेशी कामगारों पर निर्भर हैं। कम इमिग्रेशन के कारण श्रमिकों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। जनसंख्या में उम्रदराज लोगों की बढ़ती संख्या भी एक चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए आप्रवासन आवश्यक रहेगा। इसी वजह से भविष्य में सरकार इमिग्रेशन लक्ष्यों को फिर बढ़ा सकती है। नए प्रवासियों के आगमन से श्रम बाजार और उपभोक्ता मांग को मजबूती मिलती है। कनाडा की जनसंख्या और आर्थिक स्थिरता के लिए आप्रवासन नीति आगे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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