उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 1857 की क्रांति के उन गुमनाम वीरों को सम्मान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनकी वीरगाथा आम जनता तक नहीं पहुंची। इस अभियान के तहत 65 से अधिक गांवों में जाकर लोगों को जीता चमार, जंगली-मंगली भंगी और मारून सिंह लोधी जैसे क्रांतिकारियों के इतिहास से अवगत कराया गया। इन सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ जबरदस्त संघर्ष किया था। आयोजकों का कहना है कि दलित और पिछड़े वर्ग के इन वीरों की कहानियों को सरकारी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। इस अभियान का उद्देश्य इन वीरों की विरासत को पुनर्स्थापित करना और समाज के सभी वर्गों को उनके बलिदानों से प्रेरणा देना है। लोगों ने इस मुहिम का स्वागत किया है। अब आयोजक इस अभियान को पूरे प्रदेश में फैलाने की योजना बना रहे हैं। यह पहल इतिहास को सही रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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