इजराइल को मान्यता देने के मुद्दे पर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते जैसी पहल पर सहमति देने से इनकार किया है। इसके बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े बयानों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख असीम मुनीर पर दबाव बढ़ने की चर्चा हो रही है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका पाकिस्तान से पश्चिम एशिया नीति में समर्थन चाहता है। पाकिस्तान लंबे समय से फिलिस्तीन के समर्थन में अपनी नीति दोहराता रहा है। इजराइल को मान्यता देने के मुद्दे पर देश के भीतर भी संवेदनशील माहौल बना हुआ है। राजनीतिक दल और धार्मिक संगठन इस विषय पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में पहले भी कई बार तनाव देखने को मिला है। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए विदेशी सहायता अहम मानी जाती है। ऐसे में विदेश नीति को लेकर सरकार पर संतुलन बनाए रखने का दबाव है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा पाकिस्तान की राजनीति और कूटनीति दोनों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर स्थिति को लेकर सतर्क बयान दिए जा रहे हैं।
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