छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) ने राज्य में पूर्ण हो चुकी 989 आवासीय परियोजनाओं की गहन समीक्षा के बाद एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने पाया कि 595 प्रमोटरों ने अब तक आवंटियों की सोसायटियों का गठन नहीं किया है और न ही कॉमन एरिया व बुनियादी सुविधाओं का हस्तांतरण किया है। इस लापरवाही के चलते रेरा ने संबंधित प्रमोटरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है, जो प्रमोटरों को प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद निवासियों के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए बाध्य करती है। रेरा का स्पष्ट मानना है कि सोसायटियों का गठन न होना और सुविधाओं का हस्तांतरण में देरी करना आवंटियों के अधिकारों का हनन है। यदि प्रमोटर तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इस निर्णय से उन हजारों मकान मालिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से अपनी सोसायटियों के गठन और कॉमन एरिया के प्रबंधन की प्रतीक्षा कर रहे थे।
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