चिकित्सा तकनीक में प्रगति से ब्रेन ट्यूमर के उपचार और रिकवरी में बड़ा सुधार हुआ है। फोर्टिस हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. राज कमल के अनुसार, लगातार सिरदर्द, उल्टी, दौरे पड़ना और हाथ-पैरों में कमजोरी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। एमआरआई और सीटी स्कैन द्वारा समय पर सटीक निदान न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं को कम करता है। आज न्यूरोनेविगेशन, हाई-रिजॉल्यूशन माइक्रोस्कोप और इंट्राऑपरेटिव न्यूरो मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के कारण ब्रेन ट्यूमर सर्जरी पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो गई है। ये तकनीकें स्वस्थ मस्तिष्क ऊतकों को सुरक्षित रखते हुए बोलने और चलने-फिरने की क्षमता को बचाती हैं। डॉक्टर ने सर्जरी के बाद फिजिकल और कॉग्निटिव थेरेपी जैसे पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) के महत्व पर भी जोर दिया, जिससे मरीज दोबारा सामान्य जीवन में लौट रहे हैं। स्पष्ट है कि जागरूकता और आधुनिक तकनीक मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो रही हैं।
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