लगभग पांच दशकों के बाद पहली बार चंबा के गमगुल सियाबेही वन्यजीव अभयारण्य में हिमालयी भूरे भालू (हिमालयन ब्राउन बियर) देखे गए हैं। कैमरे में चार अलग-अलग भालू कैद हुए हैं, जिनके मिलने से शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों में खुशी की लहर है। यह वही भालू हैं, जिनके बारे में दशकों से केवल अटकलें लगाई जाती थीं कि वे इस अभयारण्य में हैं या नहीं। अब यह मात्र संदेह एक सच्चाई में बदल गया है। यह खोज इस बात का सबूत है कि अगर पर्यावरण सुरक्षित रहे तो लुप्तप्राय प्रजातियाँ वापस लौट सकती हैं। वन विभाग ने इस खोज के बाद अभयारण्य में निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह हिमालयी जैव विविधता के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। स्थानीय लोगों को भी इन भालुओं की सुरक्षा के लिए जागरूक किया जा रहा है। यह खोज पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को एक नई दिशा देगी।
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