दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकी फंडिंग से जुड़े एक मामले में आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने मामले के तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। आरोपी पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने या वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के आरोप लगाए गए थे। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और जांच एजेंसियों दोनों की दलीलें अदालत के समक्ष रखी गईं। हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। आरोपी को जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। जांच एजेंसियां आरोपों से संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल करती रहेंगी। जमानत आदेश के बाद आरोपी को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। इस फैसले ने मामले को एक नया कानूनी मोड़ दिया है। अंतिम निर्णय अदालत में पूरी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।
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