एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अज़ान और नमाज से लोगों को इतनी परेशानी क्यों होती है, यह दोहरी मानसिकता का प्रतीक है। उन्होंने साफ कर दिया कि वे और उनके समर्थक सड़कों पर नमाज पढ़ना नहीं छोड़ेंगे। ओवैसी ने कहा कि अन्य धर्मों में भी सार्वजनिक स्थलों पर पूजा की जाती है, लेकिन केवल मुस्लिमों की ही आलोचना होती है। उन्होंने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत दिए गए अधिकार का हिस्सा है। ओवैसी की इस टिप्पणी पर कई हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सड़कों पर नमाज पढ़ने से यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित होती है। ओवैसी ने कहा कि अगर कोई उन्हें रोकेगा तो वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। बीजेपी ने इस बयान को सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करार दिया है। फिलहाल, यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और विवादों में है। हैदराबाद से लेकर दिल्ली तक, लोग इस मुद्दे पर दो ध्रुवों में बंट गए हैं।
Source: Source