छत्तीसगढ़ सरकार ने अरपा नदी समेत प्रदेश की नदियों के संरक्षण के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। हाई कोर्ट में पेश शपथपत्र के अनुसार, सरकार पेंड्रा के अमरपुर स्थित अरपा उद्गम स्थल के विकास के लिए 4.81 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर रही है। नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने हेतु गौरेला और पेंड्रा नगर पालिकाओं ने 18.49 करोड़ रुपये का सीवेज प्रबंधन प्रस्ताव भेजा है। नदी के जलग्रहण क्षेत्र में जल स्तर सुधारने के लिए 2,502 संरक्षण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें चेक डैम और गली प्लग शामिल हैं। वन विभाग ने नदी किनारे 655 हेक्टेयर में पौधरोपण पूरा कर लिया है और 30 हेक्टेयर का नया लक्ष्य रखा है। इस पूरी परियोजना की निगरानी जिला पंचायत के सीईओ द्वारा की जाएगी, जिन्हें नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सरकार नदी के उद्गम स्थलों की प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल पर डिजिटल मैपिंग भी कराएगी। आईआईटी रुड़की और एनआईटी रायपुर के विशेषज्ञ इस वैज्ञानिक कार्ययोजना की समीक्षा कर रहे हैं। विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे मनरेगा और कैम्पा के फंड का कन्वर्जेंस करके बजट सुनिश्चित किया गया है। नदी के तटों पर सिल्ट सफाई नीति को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। जुलाई 2026 के अंतिम सप्ताह में एक राज्य स्तरीय स्रोत महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में देशभर के पर्यावरणविद और विशेषज्ञ नदी पुनरुद्धार के लिए अपने सुझाव देंगे।
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