अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटनाओं के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दान राशि की गणना करने वाले कर्मचारियों के लिए नए सख्त नियम लागू किए गए हैं। अब गणना में शामिल किसी भी व्यक्ति के कपड़ों में जेब नहीं होगी, ताकि चोरी की कोई गुंजाइश न रहे। दान पेटियों को खोलने से लेकर गणना केंद्र तक पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। हर गतिविधि को सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में सुरक्षित किया जा रहा है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि दान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, मंदिर ट्रस्ट ने वीआईपी दर्शन पास को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया है। दर्शन प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और आम श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। भविष्य में दान प्रक्रिया को और भी अधिक डिजिटल और सुरक्षित बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य दान के पैसे की पवित्रता और सुरक्षा को हर हाल में बनाए रखना है।
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