अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में हेराफेरी के आरोपों की जांच ने गति पकड़ ली है। विशेष जांच दल (SIT) ने पिछले दो दिनों में लगभग 19 घंटे तक मंदिर परिसर में गहन छानबीन की है, ताकि वित्तीय अनियमितताओं के सुराग जुटाए जा सकें। जांच का मुख्य केंद्र उन 9 संदिग्ध कर्मचारियों की गतिविधियों और उनकी हालिया आय के स्रोतों पर है, जिन्होंने कम समय में महंगे स्मार्टफोन और लग्जरी गाड़ियां खरीदी हैं। इस मामले में नाम आने के बाद रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव ने पहली बार कैमरे के सामने आकर अपनी बेगुनाही का दावा किया है और खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। प्रशासन और पुलिस अब इन कर्मचारियों के बैंक खातों और संपत्तियों का विस्तृत विवरण खंगाल रही है ताकि भ्रष्टाचार के इस संभावित नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। मंदिर प्रशासन ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है।
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