अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन की एक वीजा नीति पर रोक लगा दी है। यह नीति विदेशी शोधकर्ताओं और ट्रस्ट एंड सेफ्टी विशेषज्ञों को प्रभावित कर सकती थी। इसके तहत कुछ लोगों के वीजा रद्द करने या उन्हें देश से बाहर भेजने की संभावना थी। अदालत ने कहा कि यह नीति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर सकती है। फैसले का असर उन लोगों पर पड़ेगा जो डिजिटल हेट और गलत सूचनाओं से निपटने वाले संगठनों से जुड़े हैं। जज ने कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक सरकार को इस नीति को लागू करने से रोक दिया है। यह मामला अमेरिका में आप्रवासन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस का कारण बन गया है। प्रभावित संगठनों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। सरकार की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। इस फैसले को विदेशी पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
Source: Source