स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता समाप्त होने के बाद वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। बाजार को राहत मिली क्योंकि ईरान अपने तेल निर्यात के लिए आवश्यक छूट हासिल करने में सफल रहा। इससे तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम हो गई हैं। आपूर्ति को लेकर बढ़ी अनिश्चितता घटने के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। ब्रेंट क्रूड वायदा कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गई। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में भी नरमी देखी गई। विश्लेषकों का मानना है कि ईरानी तेल की अतिरिक्त आपूर्ति बाजार में आने की संभावना बढ़ी है। अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में संभावित ढील की उम्मीद भी कीमतों पर दबाव डाल रही है। क्षेत्रीय तनाव बने रहने के बावजूद बाजार ने आपूर्ति पक्ष को अधिक महत्व दिया है। ऊर्जा कारोबारियों ने भविष्य में उपलब्धता बढ़ने के संकेतों को सकारात्मक माना है। इससे तेल बाजार में खरीदारी का दबाव कम हुआ है। कीमतों में आई गिरावट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी देखा जा रहा है। निवेशक अब अमेरिका और ईरान के बीच आगे होने वाले घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
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