अमेरिका ने तीन दिनों में दूसरी बार ईरान पर सैन्य हमला किया है। पहले हमले में अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर भेजे गए ईरान के चार ड्रोन मार गिराए थे। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई खतरे को रोकने के लिए जरूरी थी। इसके बाद जब ईरान पांचवां ड्रोन फायर करने वाला था, तब अमेरिका ने बंदर अब्बास के पास ईरान के ड्रोन ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर हमला कर दिया। इस हमले से ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम टूटने का खतरा काफी बढ़ गया है। ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वह जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव अचानक चरम पर पहुंच गया है। वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। पिछले हफ्ते ही एक अमेरिकी टैंकर पर हुए हमले के बाद से ही तनाव बना हुआ था। संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति पर तत्काल बैठक बुलाई है। यह हमला बंदर अब्बास पर तीसरे हफ्ते में तीसरा अमेरिकी हमला है। ईरान ने पहले चेतावनी दी थी कि वह किसी भी उकसावे का कड़ा जवाब देगा। अब देखना यह है कि क्या कूटनीतिक प्रयासों से यह संकट टल पाता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
Source: Source