अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) के खिलाफ विकसित वैक्सीन के परीक्षण का कार्य अंबिकापुर के शासकीय पिग फार्म में जारी है। वैज्ञानिकों की एक टीम हालिया चरण के तहत बूस्टर डोज लगाने के लिए अंबिकापुर पहुंची है। यह वैक्सीन पशुपालन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों में फैलने वाली एक गंभीर और अत्यधिक संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। वैक्सीन के परीक्षण के दौरान सूअरों के स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वैज्ञानिक ट्रायल के विभिन्न चरणों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं। बूस्टर डोज के माध्यम से वैक्सीन की प्रभावशीलता और सुरक्षा का आकलन किया जाएगा। अनुसंधान से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि सफल परिणाम मिलने पर यह पशुधन संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ट्रायल के दौरान सभी वैज्ञानिक और पशु चिकित्सा मानकों का पालन किया जा रहा है। इस पहल से पशुपालन उद्योग को भविष्य में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वैक्सीन के अंतिम परिणाम आने के बाद इसके व्यापक उपयोग पर निर्णय लिया जाएगा।
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