तमिलनाडु बीजेपी नेता अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने का संकेत देते हुए आपसी सहमति वाले अलगाव की बात कही है। वे चाहते हैं कि भविष्य में भी बीजेपी के साथ गठबंधन की संभावना बनी रहे। यह राजनीति का एक दुर्लभ उदाहरण होगा जहां पथ अलग होने के बावजूद रिश्ते खराब न हों। अन्नामलाई इस प्रयास से बीजेपी से टकराव की बजाय मधुर विदाई चाहते हैं। भारतीय राजनीति में पारंपरिक रूप से पार्टी बदलने पर कटुता देखी जाती है। ऐसे में उनका यह कदम मिसाल बन सकता है यदि यह सफल रहा। राजनीतिक विश्लेषक इसे सौहार्दपूर्ण अलगाव की संभावना के रूप में देख रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी शीर्ष नेतृत्व इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। अगर यह मॉडल सफल होता है तो यह राजनीति में बदलाव ला सकता है। फिलहाल अन्नामलाई के इस नए प्रयोग पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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