भारत की मध्य पूर्व में रणनीतिक मौजूदगी अदाणी ग्रुप द्वारा इज़राइल के हाइफ़ा बंदरगाह के अधिग्रहण के साथ और मजबूत हो गई है। यह बंदरगाह भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) की आधारशिला बनने की क्षमता रखता है। इससे भारत और यूरोप के बीच व्यापार के तेज़ और सस्ते मार्ग विकसित होंगे। हालाँकि इस क्षेत्र में तनाव बना रहता है, फिर भी हाइफ़ा बंदरगाह का संचालन सुरक्षित बताया जा रहा है। यह बंदरगाह भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदाणी समूह ने इसे अपनी अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह श्रृंखला का हिस्सा बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का मुकाबला करने में सहायक होगा। इस अधिग्रहण से भारत को ऊर्जा, रक्षा और व्यापार क्षेत्रों में नए अवसर मिलेंगे।
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