शांगरी-ला डायलॉग के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत के कथित अग्नि-6 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) परीक्षण को लेकर सवाल उठाया। हालांकि यह सवाल गलत जानकारी पर आधारित पाया गया। भारत ने स्पष्ट किया कि हालिया परीक्षण अग्नि-6 का नहीं था। परीक्षण एक उन्नत अग्नि मिसाइल का था जिसमें MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक का उपयोग किया गया था। इस तकनीक से एक ही मिसाइल कई लक्ष्यों पर वार कर सकती है। पत्रकार के सवाल ने क्षेत्रीय सुरक्षा और हथियारों की होड़ को लेकर चर्चा छेड़ दी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से भी इस विषय पर प्रतिक्रिया मांगी गई। उन्होंने जवाब देते हुए भारत या पाकिस्तान में से किसी एक देश को खतरे के रूप में चिह्नित करने से परहेज किया। हेगसेथ ने संतुलित रुख अपनाते हुए क्षेत्रीय स्थिरता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सुरक्षा चुनौतियों को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने की बात कही। भारत ने दोहराया कि उसके रक्षा कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गलत सूचनाएं संवेदनशील रक्षा मुद्दों पर भ्रम पैदा कर सकती हैं। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तथ्यात्मक जानकारी के महत्व को भी रेखांकित करता है।
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