अंबाला जिले में राशन डिपो पर लगाई गई नई 4जी मशीनें अब डिपो संचालकों और उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बन गई हैं। नेटवर्क और सर्वर की लगातार दिक्कतों के कारण राशन वितरण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर मशीनों में नेटवर्क ही नहीं आता, जिससे संचालकों को अपने निजी वाईफाई का सहारा लेना पड़ रहा है। जिले के करीब 300 राशन डिपो संचालकों को ये नई मशीनें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने उपलब्ध करवाई थीं, जिनमें रेटिना स्कैन की सुविधा भी जोड़ी गई है। डिपो संचालकों के प्रधान गुरदेव सिंह के अनुसार, मशीनों के सर्वर बार-बार ठप हो जाते हैं, जिससे लोगों को गर्मी में घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। नई व्यवस्था में एक ही उपभोक्ता को गेहूं, तेल और चीनी के लिए अलग-अलग बार अंगूठा लगाना पड़ता है, जिससे उसकी पूरी प्रक्रिया में करीब दस मिनट लग जाते हैं। यदि इस दौरान नेटवर्क चला जाए या सर्वर डाउन हो जाए, तो पूरी प्रक्रिया को शुरू से दोहराना पड़ता है। संचालकों का कहना है कि पुरानी मशीनों की प्रक्रिया कहीं अधिक आसान थी, लेकिन नई तकनीक में बार-बार तकनीकी गड़बड़ियाँ आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कमजोर होने से परेशानी और बढ़ गई है, क्योंकि वहां 4जी सिग्नल ही नहीं पहुंचते। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को अपना राशन लेने के लिए बार-बार डिपो का चक्कर लगाना पड़ता है। विभाग के अधिकारियों ने इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन तो दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। डिपो संचालकों और उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द नेटवर्क समस्या को सुलझाए और मशीनों के सर्वर को स्थिर करे। तब तक आम आदमी को राशन के लिए ठप पड़ी मशीनों और गायब नेटवर्क से जूझना पड़ेगा। यह पूरी व्यवस्था जनता के समय और ऊर्जा दोनों को बर्बाद कर रही है।
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