हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गिग वर्कर्स (डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर आदि) को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गिग वर्कर्स का पंजीकरण तत्काल प्राथमिकता पर किया जाए। यह कदम केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल का हिस्सा है। गिग वर्कर्स को अब स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना कवर और पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सीएम ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लाखों युवा आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उन्हें सुरक्षा जाल की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार श्रम विभाग और प्लेटफॉर्म कंपनियों के साथ मिलकर यह अभियान चलाएगी। रजिस्ट्रेशन के लिए कॉमन सर्विस सेंटर और ऑनलाइन पोर्टल बनाए जाएंगे। अभियान के तहत जिला स्तर पर विशेष शिविर आयोजित होंगे। सीएम ने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी गिग वर्कर को लाभ नहीं मिलेगा, इसलिए सभी को तुरंत पंजीकरण करवाना चाहिए। इस पहल से प्रदेश के करीब 5 लाख गिग वर्कर्स को फायदा होगा। सरकार का लक्ष्य 3 महीने के भीतर सभी पात्र कर्मियों का रजिस्ट्रेशन पूरा करना है। यह योजना देश की अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है। विपक्ष ने इसका स्वागत किया है, लेकिन भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। फिलहाल, प्रशासन ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को मासिक प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
Source: Source