कोरबा जिला पंचायत ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से लागू करना है। जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने जानकारी दी कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार ये नए नियम 1 अप्रैल से पूरे देश में लागू हो चुके हैं। अब कोरबा जिले की ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क और उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएंगे। इससे लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी बढ़ेगी और अनुशासन आएगा। कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को नियमों की बारीकियों से अवगत कराया गया। सीईओ ने बताया कि आने वाले जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत पंचायतों को पूरी तरह कचरा मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल से न केवल गांवों की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण को भी मजबूती मिलेगी। ग्रामीणों को कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने और उसके निपटान के तरीके सिखाए जाएंगे। जैविक कचरे से खाद बनाने और अकार्बनिक कचरे के पुनर्चक्रण पर विशेष जोर दिया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है, जिससे लोग नियमों का पालन करने को बाध्य होंगे। यह कदम प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के सपनों को साकार करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी। प्रशासन ने पंचायतों को हरसंभव सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से कोरबा जिला दूसरे जिलों के लिए मिसाल पेश करेगा।
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