बिलासपुर की सिटी बस सेवा डीजल संकट और बढ़ती कीमतों के कारण गंभीर आर्थिक मुश्किलों से जूझ रही है। मंगलवार को शहर के पांच रूटों पर बस सेवा बाधित रही, जबकि कुल 13 बसों में से मात्र 10 का संचालन हो सका। बिलासपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी को प्रतिदिन लगभग 53 हजार रुपए का खर्चा वहन करना पड़ रहा है, जबकि आय मात्र 45 हजार रुपए हो रही है। इस तरह सोसायटी को रोजाना करीब 8 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते यात्रियों की संख्या में कमी ने घाटे को और बढ़ा दिया है। यात्रियों को सस्ती सुविधा देने के लिए डीजल के दाम बढ़ने के बावजूद किराया नहीं बढ़ाया गया है, जिससे सोसायटी पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में बसें कोटा, तखतपुर, लमेर, बिल्हा, सीपत और बेलतरा रूट पर चल रही हैं। रेलवे स्टेशन से विभिन्न गंतव्यों के लिए किराया 40 से 55 रुपए के बीच तय है। शहर के भीतर मंदिर चौक तक 10 रुपए और नेहरू चौक तक 15 रुपए किराया लिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत कोनी में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण तो पूरा हो गया है, लेकिन CSPDCL से अनुमति नहीं मिल पाई है। मंगलवार को नगर निगम का पेट्रोल पंप डीजल खत्म होने से ड्राय हो गया, जिससे कोटा रूट की पहली बस समय पर नहीं निकल सकी। निगम के अपर आयुक्त ने बताया कि तकनीकी कारणों से आपूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन 10 बसों को डीजल दे दिया गया। इससे पहले सिटी बस सेवा कोरोना काल में ढाई साल बंद रही, फिर ऑपरेटर विवाद और आर्थिक संकट के कारण बार-बार ठप होती रही। जुलाई 2025 में हाईकोर्ट के आदेश पर सेवा दोबारा शुरू हुई, लेकिन अगस्त 2025 में फिर बंद हो गई। अब डीजल संकट ने हालात इतने बिगाड़ दिए हैं कि कभी भी पूरी सेवा ठप हो सकती है, जिससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। सोसायटी की आगामी बैठक में किराया बढ़ाने या अन्य विकल्पों पर निर्णय लिया जाएगा।
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