पंजाब के तरनतारन जिले में सेवा केंद्र कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी पिछले 10 सालों से महज 1000 रुपये प्रति माह वेतन पर काम कर रहे हैं, और वह भी समय पर नहीं मिलता। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है। वे कहते हैं कि सरकार के बावजूद आम आदमी पार्टी सरकार ने ठेका प्रथा खत्म करने का वादा तोड़ा है। हर साल नई सेवाएं जोड़ी जा रही हैं, लेकिन वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। सेवा केंद्र के अध्यक्ष गुरसेवक सिंह ने बताया कि वेतन देरी से मिलता है और कई बार तो आता ही नहीं। इतनी कम सैलरी में जीवन यापन करना नामुमकिन हो गया है। उपाध्यक्ष जगदीश सिंह का आरोप है कि घर-घर सेवा देने वाले DSDO ऑपरेटरों को यात्रा भत्ता नहीं मिलता। B2C ऑपरेटरों को पिछले 11 महीनों से वेतन बकाया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यह हड़ताल 26 मई से राज्य समिति के आह्वान पर शुरू हुई है। अब तक प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।
Source: Source