जालंधर में एक हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद सामने आया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य और पूर्व जत्थेदार रणजीत सिंह काहलों पर उनकी बड़ी बहू, जो कि एक एनआरआई महिला हैं, ने मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि वंश बढ़ाने और बेटा पैदा करने की चाहत में उसका घर उजाड़ा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, पूर्व जत्थेदार रणजीत सिंह काहलों ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और झूठा बताते हुए इसे संपत्ति हड़पने की एक साजिश करार दिया है। बेटा न होने पर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद कनाडा की नागरिक रघुबीर कौर ने एक निजी होटल में प्रेस वार्ता के दौरान भावुक होते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि उनकी शादी सुखदीप सिंह काहलों के साथ हुई थी और कनाडा में वे दोनों अपनी दो बेटियों के साथ बेहद खुशहाल जिंदगी जी रहे थे। वर्ष 2010 और 2013 में बेटियों के जन्म तक उनके वैवाहिक जीवन में कोई मनमुटाव नहीं था। रघुबीर कौर का आरोप है कि उनके ससुर रणजीत सिंह काहलों ने उनके पति के दिमाग में यह बात डाल दी कि ‘वंश’ चलाने के लिए बेटा होना बेहद जरूरी है। इस बात से प्रभावित होकर उनके पति मानसिक रूप से डिप्रेशन में रहने लगे। भारत बुलाकर रची गई ‘पागल’ साबित करने की साजिश महिला ने बताया कि फरवरी 2024 में उनके सास-ससुर ने पति को भारत बुलाया। इसके बाद मार्च 2024 में वह भी अपनी बेटियों के साथ भारत आ गईं। आरोप है कि भारत आने के बाद ससुर ने उनके खिलाफ पति को लगातार भड़काना शुरू कर दिया, जिससे रोज झगड़े होने लगे। रघुबीर कौर ने दावा किया कि उनके खिलाफ यह साजिश भारत आने से पहले ही रची जा चुकी थी। घर की नौकरानी ने भी उन्हें सचेत किया था कि ससुराल वाले उन्हें ‘पागल’ साबित करने की योजना बना रहे हैं। महिला के मुताबिक, उनके ससुर का असली मकसद उन्हें तलाक दिलवाकर पति की दूसरी शादी करवाना है ताकि बेटा पैदा हो सके। पति कनाडा लौटा, बहू को घर से निकाला पीड़ित महिला का आरोप है कि अगस्त 2025 में उनके पति उन्हें भारत में अकेला छोड़कर वापस कनाडा चले गए। इसके बाद ससुर ने उन्हें और उनकी बड़ी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और घर से बाहर निकाल दिया। इस घरेलू कलह के कारण महिला के पिता भी गहरे सदमे में चले गए हैं। महिला ने ससुर पर वंश आगे बढ़ाने के नाम पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने जैसे घिनौने आरोप भी लगाए हैं। इंसाफ न मिलने पर अब वह इस मामले को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष ले जा रही हैं। पूर्व जत्थेदार ने आरोपों को नकारा इन गंभीर आरोपों पर जब एसजीपीसी सदस्य रणजीत सिंह काहलों से बात की गई, तो उन्होंने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी बहू द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। रणजीत सिंह काहलों ने कहा कि मेरी उम्र 76 वर्ष हो चुकी है और वह मेरी बेटी के समान है। मैं इस उम्र में ऐसी घिनौनी हरकत क्यों करूंगा? मेरी बहू हमारी जायदाद हड़पना चाहती है, इसलिए वह मुझे बदनाम कर रही है उन्होंने आगे बताया कि बहू पहले भी पुलिस और एनआरआई विंग में शिकायतें दर्ज करवा चुकी है। उनके बेटे और पोतियां वापस विदेश जा चुके हैं, लेकिन बहू यहीं रुककर विवाद खड़ा कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर वह श्री अकाल तख्त साहिब में भी शिकायत करती हैं, तो उन्हें कोई डर नहीं है, क्योंकि सच्चाई सबके सामने आकर ही रहेगी।
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